
भारत ने पिछले आतंकवादी हमले के जवाब में पाकिस्तान में कई ठिकानों पर सैन्य हमला किया है। यह स्थिति अब अंतर्राष्ट्रीय हवाई यातायात को प्रभावित कर रही है, जिसमें यूरोप और थाईलैंड के बीच का मार्ग भी शामिल है।
हमला: ऑपरेशन सिंदूर
7 मई, 2025 की रात को भारत ने एक सैन्य आक्रमण किया जिसे 'आक्रमण' कहा गया। ऑपरेशन सिंदूर. के अनुसार वाल स्ट्रीट जर्नल मिसाइल हमले पाकिस्तान में नौ लक्ष्यों पर किये गये, जो भारतीय अधिकारियों के अनुसार 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए घातक हमले से जुड़े थे।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस हमले की निंदा युद्ध कार्रवाई बताकर की। के अनुसार गार्जियन महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 26 लोग मारे गये। पाकिस्तान का यह भी दावा है कि पांच भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराया गया।
हवाई यातायात का प्रभाव
कई एयरलाइनों ने पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र से बचने के लिए अपने मार्ग बदलने शुरू कर दिए हैं। थाई एयरवेज, ईवा एयर और लुफ्थांसा ने रायटर ने अस्थायी रूप से अपने मार्ग बदल दिए, जिससे यूरोप और थाईलैंड के बीच उड़ानें प्रभावित हुईं। इसके परिणामस्वरूप यात्रा का समय बढ़ सकता है तथा देरी भी हो सकती है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और कई विश्व नेताओं ने चिंता व्यक्त की है और संयम बरतने का आह्वान किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के अनुसार, रायटर आगे की स्थिति बिगड़ने से बचने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की।
यात्रियों को क्या जानना चाहिए
- किसी भी मार्ग परिवर्तन के लिए अपनी एयरलाइन से संपर्क करें।
- लंबी यात्रा के लिए तैयार रहें
- आधिकारिक चैनलों के माध्यम से अपडेट रहें
भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष गंभीर क्यों है?
भारत और पाकिस्तान के बीच सशस्त्र संघर्ष कोई नई बात नहीं है, लेकिन मई 2025 की घटनाएं इसके खतरनाक रूप से बढ़ने का संकेत देती हैं। दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं और विवादित कश्मीर क्षेत्र को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं। 22 अप्रैल 2025 को भारतीय सीमा में आतंकवादी हमले में 26 नागरिक मारे गए, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। पहलगाम. भारत ने इस हमले के पीछे पाकिस्तान समर्थित समूहों का हाथ होने का आरोप लगाया है। जवाब में, भारत ने मई के प्रारम्भ में पाकिस्तान स्थित ठिकानों पर हवाई हमले करते हुए सैन्य अभियान शुरू किया। इस स्थिति से क्षेत्र में व्यापक अस्थिरता की चिंता बढ़ रही है और इससे यूरोप और एशिया के बीच अंतर्राष्ट्रीय हवाई यातायात पर भी असर पड़ा है।
पाठ: संपादकीय स्टाफ
